मिट्टी के दीया, सपना के रोशनी
प्रेम कहानी7 min
00:00 / 10:05
Kahani by Mahesh
छठ के पहिले साँझ। माई सड़क ताकत बइठल बाड़ी, बाबूजी चुपचाप दरवाजा के ओट से देखत बाड़न। परदेस गइल बेटा का एह बार भी ना आई? तबे अन्हार से आवाज़ आइल, "ए माई...!" इंतजार, आँसू आ ममता के एगो दिल छू लेवे वाला कहानी।
प्रेम कहानी7 min
भूत-प्रेत6 min
भक्ति7 min
प्रेम कहानी6 min